मुख्यमंत्री ने 29.65 करोड़ की लागत से बनाया धनगढ़ी सेतु का भंडार

देहरादून। मुख्यमंत्री लक्ष्मण सिंह धामी ने रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-121 (नया राष्ट्रीय राजमार्ग-309) पर धनगढ़ी नदी पर 29.65 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 220.90 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड गार्डर सेतु (धनगढ़ी पुल) का निर्माण कर इसे जनता को समर्पित किया।
यह राष्ट्रीय राजमार्ग काशीपुर-रामनगर-मार्चुला-बुवाखाल मार्ग पर स्थित है, जो कुमाऊं एवं गढ़वाल मंडलों को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यह विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के प्रमुख प्रवेश द्वार के साथ-साथ अभयारण्य, उपनगर, बागेश्वर, स्कूटर, चंपावत और गढ़वाल सहित लाखों लोगों की दैनिक दिनचर्या, व्यापार, पर्यटन और आवश्यक सेवाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

धनगढ़ी झील में नदी के बीच में मलबे के बढ़ने के मार्ग पर बार-बार व्यवधान उत्पन्न होता था, जिससे भूस्खलन, भूस्खलन और आपात्कालीन सेवाओं को भारी क्षति का सामना करना पड़ता था। नव निर्मित सेतु के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, वन क्षेत्र में ट्रैफिक सुचारु होने से पोर्टफोलियो संरक्षण एवं संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री लक्ष्मण सिंह धामी ने अपने दावे में कहा कि धनगढ़ी सेतु का उद्घाटन केवल एक पुल का उद्घाटन नहीं है, बल्कि क्षेत्रवासियों का वर्षों का संघर्ष, धैर्य और साहस की सार्थकता है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान धनगढ़ी नदी में गन्ने की खेती का मार्ग अवरूद्ध हो गया था, जिससे जनजीवन, व्यापार, पर्यटन और आपात्कालीन व्यवसाय प्रभावित हुए थे। इसी समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से राज्य सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए समयबद्धता से पूरा किया है।