हाईवे पर सात किलोमीटर लंबा जाम, यातायात व्यवस्था  पटरी से उतरी

हरिद्वार । सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की रिकॉर्डतोड़ भीड़ ने हरिद्वार की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह पटरी से उतार दिया। शनिवार से शुरू हुआ जाम सोमवार को भी जारी रहा। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कई स्थानों पर वाहनों की सात किलोमीटर तक लंबी कतारें लगी रहीं, जबकि शहर की अंदरूनी सड़कें भी घंटों जाम से जूझती रहीं। हालात ऐसे रहे कि हजारों श्रद्धालुओं को हरकी पैड़ी से करीब पांच किलोमीटर पहले ही अपने वाहन खड़े कर पैदल घाटों तक पहुंचना पड़ा।
रोड़ीबेलवाला क्षेत्र एक बार फिर ट्रैफिक दबाव का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा, जहां पिछले 15 वर्षों से हर बड़े स्नान पर्व पर जाम की समस्या बनी हुई है। सोमवती अमावस्या और पुरुषोत्तम मास के समापन के संयोग के चलते इस बार श्रद्धालुओं की संख्या प्रशासन के अनुमान से कहीं अधिक रही। रविवार देर रात से ही दिल्ली, देहरादून और नजीबाबाद की ओर से आने वाले वाहनों का दबाव बढ़ने लगा था, जो सोमवार सुबह चरम पर पहुंच गया। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर प्रेमनगर घाट फ्लाईओवर से लेकर शंकराचार्य चौक और रोड़ीबेलवाला तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई स्थानों पर लोगों को एक किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटे से अधिक समय लगा। अलकनंदा घाट से चंडीघाट की ओर जाने वाली सर्विस लेन पर भी चारपहिया और दोपहिया वाहन रेंगते नजर आए। रोड़ीबेलवाला चौकी के पास फ्लाईओवर से उतरने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने से ऋषिकेश की ओर जाने वाले मार्ग पर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। चंडीघाट से बैरागी कैंप को जोड़ने वाली सर्विस लेन पर भी कई बार यातायात पूरी तरह थम गया। शंकराचार्य चौक से ऋषिकेश की ओर जाने वाले हाईवे मार्ग पर दिनभर दबाव बना रहा। भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हरिलोक तिराहे और आसपास के क्षेत्रों में अपने वाहन खड़े किए और पैदल हरकी पैड़ी की ओर रवाना हुए। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। करीब सात किलोमीटर लंबा जाम हरिद्वार हाईवे पर नजर आया। सिंहद्वार से लेकर भूपतवाला तक जाम लगा रहा था। सबसे अधिक दबाव दिल्ली-देहरादून हाईवे के प्रेमनगर घाट फ्लाईओवर से शंकराचार्य चौक तक रहा। रोड़ीबेलवाला चौकी से ऋषिकेश मार्ग, अलकनंदा घाट से चंडीघाट सर्विस लेन और चंडीघाट से बैरागी कैंप को जोड़ने वाले मार्ग पर भी दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। हरिलोक तिराहा और आसपास के संपर्क मार्गों पर भी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई स्थानों पर यातायात रुक-रुक कर चलता रहा। इधर स्थानीय निवासी प्रशांत शर्मा, रोहित कुमार, राहुल शर्मा आदि का कहना है कि रोड़ीबेलवाला क्षेत्र पिछले 15 वर्षों से हर बड़े स्नान पर्व और अवकाश के दौरान जाम का स्थायी केंद्र बना हुआ है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। फ्लाईओवर से उतरने वाले वाहनों और पार्किंग स्थलों के सीमित विकल्पों के कारण यहां हर बार हालात बिगड़ जाते हैं।
जाम के कारण कई श्रद्धालुओं को अपने वाहन हरकी पैड़ी से करीब पांच किलोमीटर पहले ही खड़े करने पड़े। एक किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटे तक का समय लग गया। पार्किंग स्थल सुबह से ही भर गए, जबकि होटल और धर्मशालाओं में भी जगह नहीं बची। तेज धूप और उमस के बावजूद श्रद्धालु परिवार के साथ पैदल ही घाटों की ओर बढ़ते रहे। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हुई, लेकिन गंगा स्नान की आस्था के आगे सभी कठिनाइयां छोटी पड़ गईं।

पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था
स्नान पर्व को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ट्रैफिक को चरणबद्ध तरीके से डायवर्ट किया जा रहा है और अधिकारी लगातार फील्ड में मौजूद हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन प्रशासन की प्राथमिकता है। पुलिसकर्मी लगातार भीड़ प्रबंधन और यातायात संचालन में जुटे हैं तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।   – एसएसपी, नवनीत सिंह